मेहनत की किम्मत- प्रेरणादायक कहानी

मेहनत की किम्मतमेहनत की किम्मत

एक शहर में एक अमिर आदमी रहता था। उसका एक बेटा था राहुल। उसे को फिजूल खर्ची की आदत थी। उसके पिता उसे कई बार समझा चुके थे but उस पर कोई असर नहीं पड़ता था। एक दिन पिता ने राहुल से कहा की वह रोज उन्हें 100 रूपये लाकर दिया करे। राहुल राजी हो गया। अगले दिन उसके पिता ने उससे 100 रूपये मांगे तो वह चोक गया, उसे लगा था की पिता ने मझाक में वह बात कही थी। खैर, वह अपनी दादी के पास गया और उनसे 100 रूपये लाकर उसने अपने पिता को दे दिए। पिता ने वह नोट फाड़ दिया। राहुल ने पुचा की उन्होंने एसा क्यों किया? तब उन्होंने कहा की “तुम बस मुझे रोज 100 रूपये लाकर दिया करो, मै उनका क्या करता हु, तुम्हे उससे कोई लेना-देना नहीं है।”

अब राहुल रोज किसी न किसी से पैसे लेकर उन्हें दे देता और वह नोट को फाड़ देते। धीरे-धीरे सभी ने राहुल को पैसे देना बंद कर दिया। एक दिन राहुल परेशां बैठा था की वह पिता को पैसे कहा से देगा, उसने देखा की कुछ मजदुर बोरे उठा रहे थे। उसने भी उनके साथ बोरे उठाए जिसके बदले उसे 100 रूपये मिले। उसने वह अपने पिता को दे दिए लेकिन जैसे ही पिता ने उन्हें फाड़ना चाहा, राहुल ने उन्हें रोक दिया। उसने पिता को सारी बात बताई और कहा की की वो उसकी मेहनत की कमाई है, उसे न फाड़े। वह अपने पिता की बात समझ चूका था।

शिक्षा :- मेहनत की कीमत समझे और उसे बर्बाद न करे।

Lesson :- Understand the value of hard work and don’t waste it.

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